हम सभी जानते हैं कि भारतीय रेलवे हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। लंबी दूरी का सफर हो या छोटी यात्रा, ट्रेन का सफर सुहाना होता है। लेकिन यह मजा तब किरकिरा हो जाता है जब भूख लगने पर गंदा, बासी या खराब क्वालिटी का खाना मिले। अक्सर यात्रियों को ठंडा खाना, खाने में कीड़े, या ओवरचार्जिंग (MRP से ज्यादा दाम) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ज्यादातर यात्री जानकारी के अभाव में चुपचाप वह खाना खा लेते हैं या फेंक देते हैं। लेकिन आपको चुप नहीं रहना चाहिए। अगर आपने पैसे दिए हैं, तो अच्छा खाना आपका अधिकार है। आइए जानते हैं कि ट्रेन में खराब खाने की शिकायत कैसे और कहाँ करें।
शिकायत करने के 3 सबसे असरदार तरीके
रेलवे ने शिकायत के लिए कई रास्ते खोले हैं ताकि यात्रियों को तुरंत समाधान मिल सके:
1. टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें
अगर आपके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं है, तो यह सबसे आसान तरीका है।
- आप सीधे 1800-111-321 पर कॉल कर सकते हैं।
- यह रेलवे का कैटरिंग (Catering) शिकायत नंबर है। यहाँ कॉल करके अपनी ट्रेन डिटेल्स और PNR बताएं, आपकी शिकायत तुरंत दर्ज कर ली जाएगी।
2. सोशल मीडिया (Twitter/X) का इस्तेमाल करें
आज के डिजिटल दौर में यह सबसे तेज तरीका माना जाता है।
- अगर खाना खराब है, तो उसकी फोटो या वीडियो लें।
- उसे Twitter (अब X) पर पोस्ट करें।
- पोस्ट करते समय अपना PNR नंबर, Train Number और Mobile Number जरूर लिखें।
- अपने ट्वीट में @RailMinIndia, @IRCTCofficial और @RailwaySeva को टैग करें।
- रेलवे का सोशल मीडिया सेल बहुत एक्टिव है और अक्सर कुछ ही मिनटों में रिप्लाई आ जाता है।
3. Rail Madad App (सबसे बेहतर विकल्प)
हालाँकि हेल्पलाइन और ट्विटर पर जोर दिया गया है, लेकिन Rail Madad App भी एक बेहतरीन माध्यम है।
- ऐप में ‘Train Complaint’ चुनें।
- ‘Catering & Vending’ कैटेगरी चुनें।
- ‘Food Quality’ या ‘Hygiene’ सब-कैटेगरी चुनें।
- खाने की फोटो अपलोड करें और सबमिट कर दें। इससे सीधे उस जोन के अधिकारियों के पास अलर्ट जाता है जहाँ से ट्रेन गुजर रही है।
शिकायत करने के बाद क्या होगा?
जब आप शिकायत दर्ज करते हैं, तो रेलवे के पास रियल-टाइम अलर्ट जाता है।
- अगले स्टेशन पर ऑन-बोर्ड सुपरवाइजर या पैंट्री मैनेजर आपकी सीट पर आएगा।
- वे खाने की जांच करेंगे।
- ज्यादातर मामलों में आपको ताजा खाना (Fresh Food) बदल कर दिया जाता है।
- गंभीर मामलों में (जैसे खाने में कीड़ा निकलना), वेंडर पर भारी जुर्माना भी लगाया जाता है और कभी-कभी उसका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।
एक जरूरी टिप: “No Bill, No Payment”
खाने की क्वालिटी के अलावा एक और बड़ी समस्या ‘ओवरचार्जिंग’ है। रेलवे का सख्त नियम है- “No Bill, No Payment”। अगर वेंडर आपको खाने का पक्का बिल (GST वाला) नहीं देता है, तो आपको खाने के पैसे देने की जरूरत नहीं है। हमेशा बिल मांगें, इससे वेंडर आपको ठग नहीं पाएगा और खाने की जिम्मेदारी भी तय होगी।
निष्कर्ष
दोस्तों, अगली बार जब भी आप ट्रेन में सफर करें और खाना खराब मिले, तो उसे नजरअंदाज न करें। आपकी एक शिकायत न केवल आपकी समस्या सुलझाएगी, बल्कि रेलवे को अपनी सेवाएं सुधारने में भी मदद करेगी। अपने अधिकारों को जानें और एक जागरूक यात्री बनें।
याद रखें: सफर आपका है, और अच्छी सुविधाएं पाना आपका हक है!
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