भारत का सबसे बड़ा और रोशन पर्व दीपावली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी लोगों को जोड़ने का काम करता है। आइए विस्तार से जानते हैं दीवाली 2025 की तिथि, पूजा विधि और पाँच दिवसीय पर्व का पूरा कैलेंडर।
Table of Contents
दीवाली 2025 की तिथि और पंचांग
- धनतेरस (Dhanteras): शनिवार, 18 अक्टूबर 2025
- नरक चतुर्दशी / छोटी दीवाली: रविवार, 19 अक्टूबर 2025
- दीवाली / लक्ष्मी पूजन: सोमवार, 20 अक्टूबर 2025
- गोवर्धन पूजा / अन्नकूट: मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025
- भाई दूज: गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025
- मुख्य लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: 20 अक्टूबर 2025 को शाम 07:08 बजे से 08:18 बजे तक शुभ समय रहेगा
दीवाली का धार्मिक महत्व
दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
- मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे।
- जैन धर्म में यह दिन भगवान महावीर के निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- सिख परंपरा में इसे बंदी छोड़ दिवस कहा जाता है, जब गुरु हरगोबिंद सिंह जी ने कैदियों को मुक्त कराया था।
दीवाली पूजा विधि (Lakshmi Puja Vidhi 2025)
दीवाली की रात महालक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा विधि इस प्रकार है:
- घर की सफाई और सजावट – अमावस्या की रात लक्ष्मी जी स्वच्छ और रोशन घर में प्रवेश करती हैं।
- मंगल कलश स्थापना – जल, आम्रपल्लव और नारियल से कलश स्थापित करें।
- लक्ष्मी-गणेश पूजन –
- गणेश जी का स्मरण कर पूजा आरंभ करें।
- लक्ष्मी जी को पुष्प, धूप, दीप, मिठाई और सिक्के अर्पित करें।
- कुबेर जी की पूजा कर धन-समृद्धि की कामना करें।
- महालक्ष्मी आरती – परिवार सहित आरती करें और दीप जलाकर घर के कोनों में रखें।
- भोग और प्रसाद – खील-बताशे, मिठाई और फल अर्पित करें।
पाँच दिवसीय दीवाली पर्व का महत्व
| दिन | तिथि (2025) | महत्व |
|---|---|---|
| धनतेरस | 18 अक्टूबर | धन्वंतरि और लक्ष्मी पूजन, सोना-चाँदी या बर्तन खरीदना शुभ |
| नरक चतुर्दशी | 19 अक्टूबर | भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर वध की स्मृति, इस दिन स्नान और दीपदान का महत्व |
| दीवाली / लक्ष्मी पूजन | 20 अक्टूबर | लक्ष्मी-गणेश पूजन, दीप जलाना, घर-आँगन सजाना |
| गोवर्धन पूजा | 21 अक्टूबर | भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति, अन्नकूट का आयोजन |
| भाई दूज | 23 अक्टूबर | भाई-बहन के स्नेह का पर्व, बहनें भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं |
दीवाली 2025 कैसे मनाएँ?
- घर को दीयों और रंगोली से सजाएँ।
- परिवार और मित्रों संग मिठाई और उपहार बाँटें।
- पर्यावरण का ध्यान रखते हुए कम प्रदूषण वाले पटाखे या केवल दीयों से उत्सव मनाएँ।
- जरूरतमंदों को दान और सहयोग करें, जिससे त्योहार का असली आनंद मिले।
निष्कर्ष
दीवाली 2025 सोमवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह पाँच दिवसीय पर्व 18 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान धनतेरस से भाई दूज तक हर दिन का अपना विशेष महत्व है। लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
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FAQ
दीवाली 2025 कब है?
दीवाली 2025 सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन कार्तिक अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है।
दीपावली 2025 की तिथि क्या है?
दीपावली 2025 की मुख्य तिथि 20 अक्टूबर 2025 है। यह पाँच दिवसीय पर्व 18 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चलेगा।
लक्ष्मी पूजन 2025 का मुहूर्त क्या है?
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर 2025 को शाम 07:08 बजे से 08:18 बजे तक रहेगा। इस समय पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
दीवाली पूजा विधि क्या है?
घर की पूरी सफाई और सजावट करें।
कलश स्थापना करें और गणेश-लक्ष्मी जी की प्रतिमा रखें।
धूप, दीप, पुष्प, मिठाई और सिक्के अर्पित करें।
परिवार सहित लक्ष्मी-गणेश की आरती करें।
दीप जलाकर घर के कोनों में रखें और प्रसाद बाँटें।
धनतेरस 2025 कब है?
धनतेरस 2025 शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन बर्तन, सोना-चाँदी और धातु की वस्तुएँ खरीदना शुभ माना जाता है।
गोवर्धन पूजा 2025 कब है?
गोवर्धन पूजा 2025 मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को होगी। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा और अन्नकूट का आयोजन किया जाता है।
भाई दूज 2025 कब है?
भाई दूज 2025 गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन बहनें भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
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