Tatkal Ticket Booking New Rules: अब बिना OTP नहीं मिलेगा तत्काल टिकट, रेलवे ने बदला नियम

भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं। त्योहारों, शादी के सीजन या लंबी छुट्टियों के समय कंफर्म टिकट मिलना किसी चुनौती से कम नहीं होता। जब सामान्य कोटे में सीट नहीं मिलती, तो यात्री तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) बुक करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में सारी सीटें फुल हो जाती हैं।

इसी समस्या को देखते हुए अब रेलवे ने Tatkal Ticket Booking New Rules लागू किए हैं। इन नए नियमों के तहत, तत्काल टिकट बुक करने के लिए अब Tatkal ticket booking OTP rule को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद दलालों और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर के जरिए की जाने वाली फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना है।

क्या है नया Tatkal ticket booking OTP rule?

पहले तत्काल टिकट बुक करने के लिए सिर्फ यात्री की जानकारी भरकर पेमेंट करना होता था। लेकिन अब Tatkal ticket booking OTP rule के अनुसार, बुकिंग के दौरान यात्री के मोबाइल नंबर पर एक OTP (One Time Password) भेजा जाएगा।

जब तक आप उस OTP को सही तरीके से दर्ज नहीं करते, तब तक आपकी टिकट बुक नहीं हो पाएगी।

यह नियम सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं, बल्कि IRCTC वेबसाइट / ऐप और रेलवे के PRS काउंटर – दोनों पर लागू होगा। इसका मतलब है कि अब गलत या फर्जी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके तत्काल टिकट बुक करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

फिलहाल कहां लागू हुआ है Tatkal Ticket Booking New Rules?

रेलवे ने अभी Tatkal Ticket Booking New Rules को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। फिलहाल यह नियम मुंबई सेंट्रल – अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस (12009/12010) में लागू किया गया है।

1 दिसंबर से इस ट्रेन में तत्काल टिकट बुक करने वाले हर यात्री को अपना मोबाइल नंबर OTP के जरिए वेरिफाई करना जरूरी है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में यही नियम देश की अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी लागू कर दिया जाएगा।

इस बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

अक्सर यात्रियों की शिकायत रहती थी कि तत्काल बुकिंग का समय (AC के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर के लिए 11 बजे) शुरू होते ही, 1-2 मिनट के अंदर सारी सीटें गायब हो जाती हैं। दरअसल, अवैध एजेंट और दलाल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके सेकंड्स में टिकट बुक कर लेते थे, जिससे आम यात्री खाली हाथ रह जाते थे।

OTP सिस्टम लागू होने से:

  1. दलालों पर रोक: ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर OTP को बायपास नहीं कर पाएंगे।
  2. असली यात्रियों को फायदा: टिकट बुक करने में थोड़ा समय जरूर लगेगा, लेकिन इससे टिकट असली जरूरतमंद यात्री को ही मिलेगा।
  3. पारदर्शिता: बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी (Transparent) होगी।

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यात्री किन बातों का ध्यान रखें?

अगर आप आने वाले दिनों में तत्काल टिकट बुक करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  • सही मोबाइल नंबर: बुकिंग फॉर्म में वही मोबाइल नंबर डालें जो आपके पास मौजूद हो, क्योंकि OTP उसी पर आएगा।
  • नंबर अपडेट रखें: IRCTC प्रोफाइल में अपना सही और चालू मोबाइल नंबर अपडेट रखें।
  • नेटवर्क: सुनिश्चित करें कि बुकिंग के समय आपका फोन नेटवर्क कवरेज में हो ताकि OTP तुरंत मिल सके।
  • OTP शेयरिंग: यह OTP केवल बुकिंग के लिए है, इसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।

निष्कर्ष

भारतीय रेलवे का यह कदम यात्रियों के लिए राहत की खबर है। हालांकि, OTP डालने की प्रक्रिया में कुछ सेकंड का अतिरिक्त समय लग सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित करेगा कि टिकट की कालाबाजारी रुके और आम आदमी को आसानी से कंफर्म सीट मिल सके।

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